या तो हमसे यारी रख
या फिर दुनियादारी रख
ख़ुद पर पहरेदारी रख
अपनी दावेदारी रख
जीने की तैयारी रख
मौत से लड़ना जारी रख
लहजे में गुलबारी रख
लफ़्ज़ो में चिंगारी रख
जिससे तू लाचार न हो
इक ऎसी लाचारी रख
No more noisy, loud words from me---such is my master's will. Henceforth I deal in whispers.
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हम घूम चुके बस्ती-वन में / इब्ने इंशा
हम घूम चुके बस्ती-वन में इक आस का फाँस लिए मन में कोई साजन हो, कोई प्यारा हो कोई दीपक हो, कोई तारा हो जब जीवन-रात अंधेरी हो इक बार कहो तुम म...
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या तो हमसे यारी रख या फिर दुनियादारी रख ख़ुद पर पहरेदारी रख अपनी दावेदारी रख जीने की तैयारी रख मौत से लड़ना जारी रख लहजे में गुलबारी रख लफ़्...
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