जब यार देखा नैन भर दिल की गई चिंता उतर
ऐसा नहीं कोई अजब राखे उसे समझाए कर ।
जब आँख से ओझल भया, तड़पन लगा मेरा जिया
हक्का इलाही क्या किया, आँसू चले भर लाय कर ।
तू तो हमारा यार है, तुझ पर हमारा प्यार है
तुझ दोस्ती बिसियार है एक शब मिली तुम आय कर ।
जाना तलब तेरी करूँ दीगर तलब किसकी करूँ
तेरी जो चिंता दिल धरूँ, एक दिन मिलो तुम आय कर ।
मेरी जो मन तुम ने लिया, तुम उठा गम को दिया
तुमने मुझे ऐसा किया, जैसा पतंगा आग पर ।
खुसरो कहै बातों ग़ज़ब, दिल में न लावे कुछ अजब
कुदरत खुदा की है अजब, जब जिव दिया गुल लाय कर ।
No more noisy, loud words from me---such is my master's will. Henceforth I deal in whispers.
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Thursday, January 29, 2009
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रुद्राष्टाध्यायी का आध्यात्मिक और आधिभौतिक अर्थ
रुद्राष्टाध्यायी का आध्यात्मिक और आधिभौतिक अर्थ एक बात शुरुआत में स्पष्ट करना उपयोगी है— रुद्राष्टाध्यायी केवल भगवान शिव की स्तुति नहीं ह...
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