वह क्या है?
जिसकी मुंतज़िर हैं / आँखें मेरी
और / जिसने चुरा ली है
मेरी आँखों की नींद
वह क्या है?
जिसकी पदचाप है / स्मृति में
और / जिसने रोक दी है
मेरे मन की राह
वह क्या है?
जिसकी अफ़वाह है / शहर में
और / जिसने फैला दी है
मेरे मरने की ख़बर
वह क्या है?
जिसकी चाह है / मन में
और / जिसने काट दी है
मेरे कंठ की भाषा
वह क्या है?
जिसकी प्रतिध्वनि है / भीतर मेरे
और / जिसने छुपा दी है
मेरी दुनिया की कंदील
No more noisy, loud words from me---such is my master's will. Henceforth I deal in whispers.
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Friday, February 6, 2009
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रुद्राष्टाध्यायी का आध्यात्मिक और आधिभौतिक अर्थ
रुद्राष्टाध्यायी का आध्यात्मिक और आधिभौतिक अर्थ एक बात शुरुआत में स्पष्ट करना उपयोगी है— रुद्राष्टाध्यायी केवल भगवान शिव की स्तुति नहीं ह...
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जी करता है, कुछ लिखूं, लिखता ही चला जाऊं, जीवन एक अबूझ पहेली, इसी बारी सुलझाऊं ! कैसे सृजन हुआ सृष्टि का, कैसे बने सितारें ? कैसे बने चाँद औ...
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साँस चलती है तुझेचलना पड़ेगा ही मुसाफिर! चल रहा है तारकों कादल गगन में गीत गाताचल रहा आकाश भी हैशून्य में भ्रमता-भ्रमाता पाँव के नीचे पड़ीअचल...
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हम घूम चुके बस्ती-वन में इक आस का फाँस लिए मन में कोई साजन हो, कोई प्यारा हो कोई दीपक हो, कोई तारा हो जब जीवन-रात अंधेरी हो इक बार कहो तुम म...