बहुत कठिन है - बनना माँ
कोटि वंदना, तुझको माँ
पल पल अपनी देह काट कर
बुनना मेरी देह को - माँ
अपने आँचल की छाया में
भरना मुझको स्नेह से - माँ !
जीवन कठिन डगर, मगर है
सहज गुजरना, तुझसे माँ !!
No more noisy, loud words from me---such is my master's will. Henceforth I deal in whispers.
Sunday, December 5, 2010
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