तब मानव कवि बन जाता है !
जब उसको संसार रुलाता,
वह अपनों के समीप जाता,
पर जब वे भी ठुकरा देते,
वह निज मन के सम्मुख आता,
पर उसकी दुर्बलता पर जब मन भी उसका मुस्काता है !
तब मानव कवि बन जाता है !
No more noisy, loud words from me---such is my master's will. Henceforth I deal in whispers.
Wednesday, September 30, 2009
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रुद्राष्टाध्यायी का आध्यात्मिक और आधिभौतिक अर्थ
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